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Writings from the trust

लेख, समाचार और विद्वद्-संवाद

Research Articles

संस्कृत से अरुचि क्यों

संस्कृत भाषा के वाङ्मय की विविधता और महत्ता के बावजूद समाज में उसके प्रति अरुचि उत्तरोत्तर बढ़ रही है। लेखक इसके अनेक कारणों का विश्लेषण कर इसे भारतीय संस्कृति के जीवन-मरण का प्रश्न बताते हैं।

Gopilal Amar · · 11 min read

Research Articles

सूरदास और हिन्दी का जैन पद-काव्य: एक तुलनात्मक विश्लेषण

सूरसागर और बनारसीदास, द्यानतराय, भूधरदास आदि जैन कवियों के हिन्दी पद-काव्य की तुलना — वात्सल्य, विवाह, विरह, सखाभाव और चित्रमयता के आधार पर दोनों की समानताएँ और भिन्नताएँ।

Premsagar Jain · · 8 min read

Research Articles

स्याद्वाद का व्यावहारिक जीवन में उपयोग

स्याद्वाद अपेक्षा का सिद्धान्त है। पं० चैनसुखदास न्यायतीर्थ बताते हैं कि इसे केवल शास्त्रों की चीज बना दिया गया, जबकि यह जीवन-व्यवहार का सिद्धान्त है—झगड़ों के शमन और अहिंसा के लिए उपयोगी।

Chainsukhdas Nyayatirth · · 8 min read