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महावीर के महावाक्य
महावीर के महावाक्य तीन मूल उपदेशों में समाए हैं: मनुष्य को अपने कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है, दूसरों को दुख देने वाली हिंसा त्यागनी चाहिए, और संयम से इच्छाओं पर अंकुश रखना चाहिए।
Ahimsa
महावीर के महावाक्य तीन मूल उपदेशों में समाए हैं: मनुष्य को अपने कर्मों का फल भोगना ही पड़ता है, दूसरों को दुख देने वाली हिंसा त्यागनी चाहिए, और संयम से इच्छाओं पर अंकुश रखना चाहिए।
मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अहिंसा का महत्त्व है। योगशास्त्र, समन्तभद्र, कुन्दकुन्द और अमृतचन्द्र के प्रमाणों से लेख बताता है कि मद्य, मांस, मधु और हिंसक व्यापार का त्याग तथा प्रमाद-रहित, सावधान आचरण ही अहिंसा की व्यावहारिकता है।
निःशस्त्रीकरण आज की अन्तर्राष्ट्रीय परिचर्चा का प्रमुख विषय है। साध्वी मंजुला के अनुसार यह भगवान् महावीर की शस्त्रपरिज्ञा का आधुनिक रूप है, क्योंकि वास्तविक शस्त्र हिंसा के मनोभाव हैं।